Sunday, February 13, 2011

संस्था

लघु कथा          संस्था          -पवित्रा अग्रवाल

 शहर की छह-सात साहित्यिक संस्थाओं ने मिल कर दिल्ली से आये एक लेखक के सम्मान में साहित्यिक गोष्ठी का आयोजन किया।
 अतिथि लेखक के एक घंटा विलंब से आने के उपरांत भी सभा में आठ-दस लोग ही उपस्थित थे।
 लेखक के साथ आई उनकी पत्नी ने अपनी स्थानीय मित्र से पूछा- "यह सम्मान गोष्ठी कई साहित्यिक संस्थाओं के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित की गई है, मैं तो सोच रही थी काफी लोग होंगे। लेकिन यहॉ तो...'
 मित्र ने बताया - "यहां उपस्थित हर व्यक्ति अपनी बनाई किसी संस्था का अध्यक्ष है। इस तरह हर  आदमी अपने आप में एक संस्था है।'

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