Friday, February 17, 2017

भगवान सब देखता है




लघु कथा
 
    भगवान सब देखता है

                                         पवित्रा अग्रवाल
                                

     मंदिर से लौट कर दादी ने कहा --"क्या कल युग आ गया है, चोर भगवान को भी नहीं  छोड़ते।'
 नन्हें राहुल ने पूछा - "क्या हुआ दादी ?'
 "रात को मंदिर में चोरी हो गई, भगवान के सारे गहने चले गए ।'
 " अरे दादी , चोरों को भी और कोई नहीं मिला,चोरी भी की तो भगवान के गहनों की...बेवकूफ कहीं के,अब तो वह जरूर पकड़े जाएगे ।'
 दादी ने चौंक कर पूछा --"वो कैसे ?'
 " आप ही तो कहती हैं कि गलत काम नहीं करना चाहिए,भगवान सब देखता है.अपने गहने चोरी होते समय भगवान ने चोरों को नहीं देखा होगा क्या ?'
 "हाँ भगवान सब देखता तो है पर बोल तो नहीं सकता ।'

 ईमेल --     agarwalpavitra78@gmail.com

मेरे ब्लोग्स ---     

2 comments:

  1. ब्लॉग बुलेटिन की आज की बुलेटिन, "युद्ध की शुरुआत - ब्लॉग बुलेटिन “ , मे आप की पोस्ट को भी शामिल किया गया है ... सादर आभार !

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  2. आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल रविवार (19-02-2017) को
    "उजड़े चमन को सजा लीजिए" (चर्चा अंक-2595)
    पर भी होगी।
    --
    सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है।
    --
    चर्चा मंच पर पूरी पोस्ट नहीं दी जाती है बल्कि आपकी पोस्ट का लिंक या लिंक के साथ पोस्ट का महत्वपूर्ण अंश दिया जाता है।
    जिससे कि पाठक उत्सुकता के साथ आपके ब्लॉग पर आपकी पूरी पोस्ट पढ़ने के लिए जाये।
    हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
    सादर...!
    डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक

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