Thursday, August 6, 2015

दो नुकसान

लघु कथा

                दो नुकसान                                                          
                                                     पवित्रा अग्रवाल 

   आते ही कामवाली मनोरमा  बोली ---    "अम्मा सरकार का दिमाग खराब हो गया है क्या ?''
 "क्या हुआ मनोरमा, बहुत परेशान दिख रही हो ?''
 "अरे अम्मा होना क्या है ?...आप को तो मालुम मेरे दोनो लड़के एक फैक्ट्री में काम करते हैं पर अब मालिक काम से हटाता बोलरा।''
 "क्यों ?''
 "बोलरा छोटे बच्चों से काम कराना अपराध है।जो लोग ऐसा करेंगे उन को पुलिस पकड़ लेगी,फिर उन्हें सजा भी हो सकती है ।''
 "हाँ सरकार बाल मजदूरी के खिलाफ कानून बनाया तो है । उनका कहना है कि कम मजदूरी दे कर बच्चों से बहुत काम लिया जाता हैं और उन्हें अभी पढ़ना चाहिए।''
 "ये बात तो ठीक है अम्मा बच्चों से बहुत काम कराते हैं और मजदूरी बड़ो से आधी भी नहीं देते.. उनकी पगार बढ़ाने को कानून बनाये ,काम के घन्टे तय कर दें पर ये तो काम ही नहीं कराना बोल रए.. इस से दो नुकसान हैं अम्मा।''
 "कौन से नुकसान हैं ?''
 'एक तो अम्मा बच्चे  जो पगार लाते हैं  वो बन्द हो जाएगी तो गुजारा कैसे होगा ?दूसरा बिना काम के वो करेंगे क्या ..इधर उधर आवारा घूमेंगे,जेब काटेंगे चोरी करेंगे या फिर किसी  गलत सोहबत में पड़ जायेंगे .'

पवित्रा अग्रवाल

ईमेल    agarwalpavitra78@gmail.com                                                                  

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